सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना से जुड़े किसी भी अपडेट पर पूरे देश की नज़र रहती है, खासकर तब जब बात अगली वेतन आयोग यानी 8th Pay Commission की हो। वर्तमान में केंद्र सरकार की ओर से आठवें वेतन आयोग पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन वित्त मंत्रालय से जुड़े हालिया संकेतों और विशेषज्ञों की आर्थिक रिपोर्टों के आधार पर चर्चा तेज है कि अगले कुछ वर्षों में वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि क्या 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो सकता है, क्योंकि इसी वर्ष 7th Pay Commission के दस वर्ष पूरे हो जाएंगे।
8th Pay Commission पर सरकार का आधिकारिक रुख – अभी तक कोई मंजूरी नहीं
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि केंद्र सरकार ने 8th Pay Commission के गठन को मंजूरी नहीं दी है। संसद में हुई पिछली चर्चाओं के अनुसार, सरकार फिलहाल नए आयोग के गठन पर विचार नहीं कर रही है और इसकी जगह Performance-based salary structure जैसे वैकल्पिक मॉडल को अध्ययन के लिए देखा जा रहा है। हालांकि, वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की संख्या, महंगाई दर और वेतन असमानता को देखते हुए आने वाले वर्षों में केंद्र को इस मुद्दे पर निर्णय लेना ही पड़ेगा।
Fitment Factor में बदलाव की उम्मीद – क्या बढ़ सकता है बेसिक पे?
सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे अधिक चर्चित विषय है—Fitment Factor। अभी 7th Pay Commission के तहत यह 2.57 है। यदि भविष्य में सरकार नया आयोग लागू करती है, तो रिपोर्टों के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.5 तक बढ़ सकता है।
इसका अर्थ है:
- बेसिक सैलरी में 30%–45% तक वृद्धि
- शुरुआती स्तर के कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ
- पेंशनभोगियों की पेंशन में सीधी बढ़ोतरी
हालांकि यह सिर्फ विशेषज्ञों के अनुमान हैं—सरकार की ओर से इस पर कोई भी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
DA (महंगाई भत्ता) का बोझ लगातार बढ़ रहा है

महंगाई दर बढ़ने के कारण सरकार हर छ: महीने में DA बढ़ाती है। अब DA 50% के करीब पहुंच चुका है, जिस वजह से Allowances के Revision की जरूरत भी बढ़ गई है — जैसे कि HRA, Travel Allowance और Medical Allowance।
यही कारण है कि आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि “महंगाई का भार बढ़ते ही Pay Commission की मांग तेज होती है,” और केंद्र सरकार को लंबी अवधि का समाधान ढूंढ़ना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
सरकारी कर्मचारियों और यूनियनों ने पिछले कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- बेसिक पे में स्थायी बढ़ोतरी
- 8th Pay Commission का समय पर गठन
- पेंशनधारकों के लिए पारदर्शी गणना प्रक्रिया
- Allowances की नियमित समीक्षा
- Contractual कर्मचारियों के वेतन मानक को स्पष्ट करना
इन मांगों का सीधा असर कुल वेतन बिल पर पड़ेगा, इसलिए सरकार सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना चाहती है।
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क्या 8th Pay Commission 2026 से लागू हो सकता है?
आर्थिक रिपोर्टों और पिछले वेतन आयोगों के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, हर आयोग लगभग 10 साल के अंतराल पर लागू होता है:
- 6th Pay Commission – 2006
- 7th Pay Commission – 2016
इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर सरकार मंजूरी देती है, तो 8th Pay Commission 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
लेकिन ध्यान दें — यह केवल संभावित टाइमलाइन है, क्योंकि अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
निष्कर्ष: क्या है अभी की वास्तविक स्थिति?
सच यह है कि 8th Pay Commission पर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कर्मचारियों की उम्मीदें और विशेषज्ञों के विश्लेषण अलग बात हैं, लेकिन अंतिम निर्णय केवल केंद्र सरकार ही लेगी। फिलहाल सरकार DA बढ़ोतरी, Allowances review और नई वेतन संरचनाओं के अध्ययन पर फोकस कर रही है।
कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि आने वाले महीनों में इस विषय पर कई नई अपडेट देखने को मिल सकती हैं, इसलिए केवल सरकारी नोटिफिकेशन और आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें।








