Income Tax Calculation FY 2025-26: वित्त वर्ष 2025-26 में सैलरी पाने वाले NPS (National Pension System) कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स की गणना एक अहम विषय बन गई है। केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र के कई कर्मचारी NPS के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Regime) में से कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है।
इस लेख में हम वास्तविक सैलरी डेटा के उदाहरण के साथ दोनों टैक्स सिस्टम में टैक्स कैलकुलेशन को आसान भाषा में समझा रहे हैं।
Income Tax Calculation FY 2025-26 OLD Tax Regime
उदाहरण के तौर पर मान लेते हैं (FY 2025-26)
विवरण
राशि (₹)
कुल ग्रॉस सैलरी (NPS Govt. Contribution सहित)
13,52,087
स्टैंडर्ड डिडक्शन
50,000
प्रोफेशनल टैक्स
2,400
कर्मचारी का NPS योगदान (80CCD)
1,11,594
सरकार/नियोक्ता का NPS योगदान
1,56,237
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में टैक्स गणना
नई टैक्स व्यवस्था में ज्यादातर छूट नहीं मिलती, लेकिन टैक्स स्लैब आसान हैं और ₹12 लाख तक 87A की पूरी छूट मिलती है।
Step 1: टैक्सेबल इनकम
विवरण
राशि (₹)
ग्रॉस सैलरी (NPS Govt. Contribution हटाकर)
11,95,850
(-) स्टैंडर्ड डिडक्शन
75,000
कुल टैक्सेबल इनकम
11,20,850
New Regime स्लैब के अनुसार टैक्स
आय स्लैब
टैक्स
₹0 – ₹4 लाख
0
₹4 – ₹8 लाख (5%)
₹20,000
₹8 – ₹11.20 लाख (10%)
₹32,085
कुल टैक्स
₹52,085
Section 87A छूट
विवरण
राशि
87A रिबेट (≤ ₹12 लाख)
₹52,085
नेट टैक्स देय
₹0
Old बनाम New Tax Regime: सीधी तुलना
बिंदु
Old Regime
New Regime
टैक्सेबल इनकम
₹10.30 लाख
₹11.20 लाख
कुल टैक्स
₹1,26,492
₹0
NPS, 80C का लाभ
✔️
❌
87A रिबेट
❌
✔️
कौन बेहतर?
❌
✅
निष्कर्ष (Final Verdict)
Income Tax Calculation FY 2025-26 both regimes
FY 2025-26 में NPS salaried employees के लिए यह उदाहरण साफ दिखाता है कि:
यदि आपकी टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख से कम है,
और आप नई टैक्स व्यवस्था चुनते हैं,
तो आपको पूरी तरह टैक्स-फ्री होने का लाभ मिल सकता है।
हालांकि, जिन कर्मचारियों की इनकम अधिक है और जो HRA, होम लोन, 80C, 80CCD(1B) जैसी छूट का पूरा फायदा लेते हैं, उनके लिए Old Tax Regime भी उपयोगी हो सकती है।
👉 अंतिम फैसला लेने से पहले अपनी सैलरी स्ट्रक्चर के अनुसार दोनों सिस्टम में गणना करना सबसे सही तरीका है।