Thekua Recipe : छठ पूजा का नाम आते ही मन में ठेकुआ की खुशबू ताज़ा हो जाती है। यह मिठाई न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि छठ पूजा के प्रसाद में इसका विशेष महत्व है। अगर हम बात करें बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पारंपरिक रेसिपीज़ की, तो ठेकुआ हर घर में बनने वाली सबसे पवित्र और लोकप्रिय मिठाई मानी जाती है। ऐसे में अगर आप भी इस साल छठ पूजा पर घर में स्वादिष्ट और कुरकुरा ठेकुआ बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है।
Thekua Recipe बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस रेसिपी को बनाने के लिए घर में मिलने वाली साधारण सामग्री ही चाहिए —
- गेहूं का आटा – 1¼ कप
- गुड़ – ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
- घी – 3 बड़े चम्मच
- सौंफ – 1 चम्मच
- नारियल का बुरादा – 1 बड़ा चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ चम्मच
- नमक – एक चुटकी
- पानी – ¼ कप (या ज़रूरत अनुसार)
- तलने के लिए तेल
ठेकुआ बनाने की आसान विधि
सबसे पहले एक गहरे बर्तन में गेहूं का आटा, नमक, सौंफ, नारियल और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद गर्म घी को इस मिश्रण में डालें और दोनों हाथों से मिक्स करते रहें जब तक मिश्रण हल्का क्रम्बली न हो जाए। इससे ठेकुआ तलने के बाद करारा बनेगा।
अब एक छोटे पैन में गुड़ और पानी को धीमी आंच पर गर्म करें जब तक गुड़ पूरी तरह घुल न जाए। इसे छानकर ठंडा करें और धीरे-धीरे आटे में मिलाते जाएँ। ध्यान रहे कि आटा सख्त होना चाहिए — न ज्यादा नरम, न ज्यादा टाइट।
आटे को ढककर 15 मिनट के लिए रख दें ताकि यह सेट हो जाए। अब आटे से छोटे-छोटे गोले बनाएं और हथेली से हल्के दबाकर आकार दें। अगर आपके पास ठेकुआ का सांचा है तो उसका उपयोग करें, वरना हाथ से भी बना सकते हैं।
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कड़ाही में तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर ठेकुआ को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। तलने के बाद इन्हें टिशू पेपर पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
खास टिप्स जिससे ठेकुआ बने एकदम परफेक्ट
- अगर आप हेल्दी वर्ज़न चाहते हैं तो ठेकुआ को बेक भी कर सकते हैं।
- आटा ज्यादा गीला न करें, वरना ठेकुआ तलते समय टूट सकता है।
- चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा ड्राई फ्रूट्स भी डाल सकते हैं।
- ठेकुआ को ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखें, यह 10–15 दिन तक ताज़ा रहता है।
ठेकुआ का इतिहास: छठ पूजा की परंपरा से जुड़ी सदियों पुरानी मिठास

अगर हम बात करें बिहार और पूर्वी भारत की सबसे पवित्र परंपराओं की, तो छठ पूजा का नाम सबसे पहले आता है, और इसी पूजा की आत्मा मानी जाती है — ठेकुआ। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और परिवारिक एकता का प्रतीक है।
ठेकुआ की शुरुआत कहाँ से हुई
इतिहासकारों और लोक परंपराओं के अनुसार, ठेकुआ का संबंध प्राचीन काल से है, जब लोग देवी छठी मइया और सूर्य देव को अर्पण के रूप में घर में बने सादे और शुद्ध व्यंजन चढ़ाते थे। तब से ठेकुआ छठ पूजा के प्रसाद के रूप में प्रमुख बन गया। माना जाता है कि इसका उद्भव मगध साम्राज्य (वर्तमान बिहार क्षेत्र) से हुआ, जहाँ गेहूं, गुड़ और घी जैसे प्राकृतिक उत्पाद आसानी से उपलब्ध थे।
क्यों खास है ठेकुआ
ठेकुआ की खासियत इसकी सादगी और शुद्धता में है। इसमें किसी भी केमिकल या कृत्रिम सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाता। सिर्फ गेहूं का आटा, गुड़, घी और सौंफ जैसी घरेलू चीज़ों से यह मिठाई तैयार की जाती है। इस वजह से इसे “सात्विक प्रसाद” कहा जाता है, जो बिना किसी मिलावट के देवी को समर्पित होता है।
धार्मिक महत्व
छठ पूजा में सूर्य देव की आराधना की जाती है, और माना जाता है कि ठेकुआ सूर्य देव को पसंद है क्योंकि इसमें धरती की उपज — अनाज, गुड़ और घी का समावेश होता है। यह भोग प्रकृति और मनुष्य के बीच संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
अक्सर महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय यह प्रसाद अर्पित करती हैं। इस दौरान घरों में बने ठेकुआ का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह घर की शुद्धता और भक्ति भाव को दर्शाता है।
संस्कृति से जुड़ी पहचान
आज ठेकुआ सिर्फ बिहार या झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश और विदेशों में बसे भारतीय समुदायों तक पहुँच गया है। विदेशों में रहने वाले लोग भी छठ पूजा के समय इसे घर पर बनाते हैं ताकि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रह सकें।
अगर हम गौर करें तो आज ठेकुआ सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity) बन चुका है — जो बताता है कि भारतीय परंपराएँ समय के साथ भी जीवित हैं।
छठ पूजा में ठेकुआ का महत्व
अन्हाता यह कहा जाता है कि छठ मैया को ठेकुआ बेहद प्रिय है। यही वजह है कि इसे पूजा के प्रसाद में सबसे पहले स्थान दिया जाता है। यह मिठाई न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि घर में शुभता और पवित्रता का प्रतीक भी मानी जाती है। ऐसे में ठेकुआ सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि श्रद्धा और परंपरा का भाव भी समेटे होती है।
Thekua Recipe : निष्कर्ष
अगर हम बात करें पारंपरिक मिठाइयों की, तो ठेकुआ का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। गेहूं के आटे, गुड़ और घी की खुशबू से बना यह प्रसाद घर के हर सदस्य को पसंद आता है। ऐसे में इस छठ पूजा पर ठेकुआ बनाएं, सूर्य देवता को अर्घ्य दें और अपने परिवार के साथ इस पवित्र पर्व की मिठास का आनंद लें।







