Union Budget 2026: देश का कारोबारी और औद्योगिक वर्ग Union Budget 2026 को लेकर इस बार खासा उत्साहित नजर आ रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह बजट न सिर्फ रविवार के दिन पेश किया जाएगा, बल्कि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका होगा जब संसद में रविवार को बजट सत्र आयोजित किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आने वाला यह बजट ऐसे समय में पेश हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव, टैरिफ की आशंकाएं और आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
पेपरलेस बजट और बदलती परंपराएं
पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी केंद्रीय बजट पूरी तरह पेपरलेस रूप में पेश किया जाएगा। साल 2019 में पहली बार लाल रंग की पारंपरिक बही-खाता के साथ बजट पेश कर निर्मला सीतारमण ने औपनिवेशिक परंपराओं से दूरी बनाने का संकेत दिया था। इसके बाद से डिजिटल बजट प्रस्तुति सरकार की नई पहचान बन चुकी है, जिसे उद्योग जगत पारदर्शिता और आधुनिक प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सबसे ज्यादा जोर
Budget 2026 से टेक्नोलॉजी सेक्टर की सबसे बड़ी उम्मीद Artificial Intelligence (AI) को लेकर है। आईटी कंपनियां चाहती हैं कि सरकार AI से जुड़े इनोवेशन, स्टार्टअप्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ठोस नीतिगत समर्थन दे। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास इंजीनियरिंग टैलेंट की बड़ी ताकत है, जिसे सही दिशा और संसाधन मिलने पर देश ग्लोबल AI लीडर बन सकता है।
टेक इंडस्ट्री का कहना है कि बजट में Applied AI, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, और डिजिटल वर्कफ्लो को बढ़ावा देने वाले प्रावधान शामिल होने चाहिए, ताकि लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में उत्पादकता को नई ऊंचाई मिल सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को लेकर बड़ी अपेक्षाएं
अर्थशास्त्रियों और कारोबारियों की नजरें इस बार भी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) पर टिकी हुई हैं। सड़क, रेलवे, शहरी विकास, रक्षा उत्पादन, रिन्यूएबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश को देश की आर्थिक रफ्तार बनाए रखने का सबसे मजबूत आधार माना जा रहा है। उम्मीद है कि Budget 2026 में सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए राज्यों को ब्याज-मुक्त कर्ज और अतिरिक्त सहायता देना जारी रखेगी।
हालांकि माना जा रहा है कि कैपेक्स की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी संतुलित हो सकती है, लेकिन इसका फोकस लंबे समय की ग्रोथ और रोजगार सृजन पर ही रहेगा।
टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की खास मांगें
टेलीकॉम सेक्टर लंबे समय से राहत पैकेज और नीतिगत सुधारों की मांग कर रहा है। उद्योग चाहता है कि सरकार स्पेक्ट्रम शुल्क, लेवी और रेगुलेटरी बोझ को कम करे, ताकि 5G और आने वाली टेक्नोलॉजी में निवेश को बढ़ावा मिल सके।
वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर PLI स्कीम में और सुधार की उम्मीद कर रहा है। कंपनियों का मानना है कि अगर इन योजनाओं को और व्यावहारिक बनाया जाए, तो भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में एक मजबूत केंद्र बन सकता है।
रोजगार, MSME और स्किल डेवलपमेंट पर नजर
Union Budget 2026 में रोजगार सृजन एक अहम मुद्दा रहने की उम्मीद है। उद्योग जगत चाहता है कि सरकार श्रम-प्रधान उद्योगों, स्किल डेवलपमेंट और अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दे। इससे युवाओं को नौकरी के ज्यादा अवसर मिल सकेंगे।
MSME सेक्टर के लिए भी बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। छोटे कारोबारियों को आसान कर्ज, क्रेडिट गारंटी और फाइनेंशियल सपोर्ट की जरूरत है, ताकि वे आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद टिके रह सकें और आगे बढ़ सकें।
ग्रीन इकॉनमी और टिकाऊ विकास की मांग
कारोबार जगत अब सिर्फ विकास नहीं, बल्कि सस्टेनेबल ग्रोथ की भी मांग कर रहा है। Budget 2026 से ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, और क्लाइमेट-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि नए उद्योग और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
देश की आर्थिक दिशा तय करेगा Budget 2026
कुल मिलाकर Union Budget 2026 को एक ऐसे रोडमैप के तौर पर देखा जा रहा है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को आने वाले वर्षों में दिशा देगा। उद्योग और बिजनेस सेक्टर को उम्मीद है कि यह बजट विकास, सुधार और स्थिरता के बीच संतुलन बनाएगा और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
Budget 2026 में Income Tax को लेकर क्या बड़े बदलाव संभव हैं?
आम टैक्सपेयर्स, सैलरी क्लास और मिडिल क्लास की सबसे बड़ी निगाहें Income Tax राहत पर टिकी हुई हैं। बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि Budget 2026 में टैक्स स्ट्रक्चर को और आसान व राहतभरा बनाया जा सकता है।
1. Basic Exemption Limit बढ़ने की उम्मीद
फिलहाल नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स छूट की सीमा सीमित है। Budget 2026 में सरकार:
- ₹3 लाख या उससे अधिक तक Basic Exemption Limit बढ़ा सकती है
- इससे लो और मिडिल इनकम ग्रुप को सीधा फायदा मिलेगा
यह कदम खासतौर पर पहली नौकरी करने वाले युवाओं और लोअर मिडिल क्लास के लिए राहत भरा हो सकता है।
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2️⃣ Standard Deduction में इज़ाफ़ा संभव
वर्तमान में सैलरी क्लास को मिलने वाला Standard Deduction सीमित है। बजट 2026 में:
- इसे ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1 लाख तक किया जा सकता है
- इससे बिना किसी निवेश के भी टैक्स सेविंग बढ़ेगी
यह बदलाव नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बना सकता है।
3. नई टैक्स व्यवस्था को और आसान बनाने पर ज़ोर
सरकार लगातार New Tax Regime को प्रमोट कर रही है। Budget 2026 में:
- स्लैब्स को और सरल किया जा सकता है
- 10% और 20% टैक्स स्लैब की रेंज बढ़ाई जा सकती है
- ताकि कम टैक्स देकर ज्यादा इनकम हाथ में आए
इससे टैक्स फाइलिंग भी आसान होगी।
4️⃣ Section 80C की लिमिट बढ़ सकती है
लंबे समय से Section 80C की सीमा ₹1.5 लाख पर अटकी हुई है। Budget 2026 में:
- इसे ₹2 लाख या ₹2.5 लाख तक बढ़ाने की मांग तेज है
- PPF, EPF, LIC, ELSS जैसे निवेश को बढ़ावा मिलेगा
इससे लॉन्ग टर्म सेविंग और रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत होगी।
5. NPS पर अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट संभव
सरकार पेंशन और रिटायरमेंट फंड को बढ़ावा देना चाहती है। इसलिए:
- NPS में अतिरिक्त टैक्स छूट
- Employer Contribution पर ज्यादा राहत
- 80CCD(1B) की लिमिट बढ़ाई जा सकती है
यह खासतौर पर सरकारी और प्राइवेट सैलरीड कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगा।
6️⃣ Home Loan और Rent पर राहत की उम्मीद
मिडिल क्लास की बड़ी जरूरत घर है। Budget 2026 में:
- Home Loan Interest Deduction बढ़ सकती है
- HRA से जुड़े नियम सरल हो सकते हैं
- First-time Home Buyers को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है
इससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी बूस्ट मिलेगा।
7. Senior Citizens को मिल सकती है खास राहत
सीनियर सिटिज़न्स के लिए:
- Tax Free Income Limit बढ़ाने
- Interest Income पर ज्यादा छूट
- Medical Insurance Deduction बढ़ाने
जैसे कदम संभव हैं।









